हर लहज़ा है तज़ायुद रंज-ओ-ग़म-ओ-अलम का
ग़ालिब कि तबा-ए-दिल को मग़्लूब कर चुके हैं
“Every syllable carries the sorrow, grief, and pain, That Ghalib has conquered the heart's very demise.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हर शब्द में रंज, गम और दर्द की वृद्धि है, ग़ालिब ने दिल के तबा-ए-हाल को भी वश में कर लिया है।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ दर्द की बात नहीं करता, बल्कि दर्द के उस मुक़ाम की बात करता है जहाँ दर्द आपकी पहचान बन जाता है। शायर कह रहे हैं कि हमारे हर लफ़्ज़ में एक तज़ायुद (बढ़ता हुआ) रंज है, और इसका कारण यह है कि दिल ने पहले ही अपनी तबाही को जीत लिया है। यह उस गहरे दर्द का इज़हार है जो आपको ज़िंदा रखता है।
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