रंग-ए-परीदा क़ासिद बाद-ए-सहर कबूतर
किस किस के हम हवाले मक्तूब कर चुके हैं
“The color of the fairy, the messenger of the morning breeze, the pigeon, To whom have we addressed these letters, one by one?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
परी की रंगत, सुबह की हवा का संदेशवाहक, कबूतर। हम यह पत्र किस-किस को संबोधित कर चुके हैं।
विस्तार
यह शेर बहुत ही नाज़ुक एहसास को बयां करता है। शायर एक प्यारे से कबूतर की तस्वीर खींचते हैं, जो सुबह के बाद आया है। लेकिन सवाल क्या है? कि यह पैगाम हम किस-किस के हवाले कर चुके हैं? इसका मतलब है कि इश्क़ का पैगाम तो तैयार है, और भेजा भी जा सकता है... पर यह पता लगाना ही मुश्किल है कि वह पैगाम किस दिल तक पहुँचेगा। यह इश्क़ की अनिश्चितता को दर्शाता है।
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