ढब देखने का ईधर ऐसा ही तुम्हारा था
जाते तो हो पर हम से टुक आँख मिला जाना
“Whether it was watching the mound, or was it just you, When you left, you still met my eyes with a glance.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
ढब देखने का ईधर ऐसा ही तुम्हारा था, जैसे तुम जा रहे हो पर मेरी आँखों में एक नज़र मिलाते हुए।
विस्तार
यह शेर विरह की उस अवस्था को बयां करता है, जब दिल को पता होता है कि जुदाई निश्चित है, लेकिन फिर भी उम्मीद का एक छोटा सा धागा टूट नहीं पाता। शायर कहते हैं कि भले ही आपका साथ छूट रहा है, पर कम से कम एक नज़र का मिलना ज़रूरी है। यह केवल आँखों का संपर्क नहीं है, यह दिल को यह यकीन दिलाना है कि हम एक-दूसरे के लिए कभी मायने रखते थे। बहुत गहरा एहसास है यह!
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