ये भी है अदा कोई ख़ुर्शीद नमत प्यारे
मुँह सुब्ह दिखा जाना फिर शाम छुपा जाना
“This too is a grace, beloved, like the sun's gift, To show the morning face, and then hide in the evening.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यह भी एक अदा है, प्यारे, जो सूरज का तोहफा है; सुबह का चेहरा दिखाना और शाम को छिप जाना।
विस्तार
मीर तक़ी मीर यहाँ महबूब के अंदाज़ को सूरज के मिज़ाज से मिलाते हैं। कहने का मतलब है कि प्यार का ये आलम कितना रहस्यमयी है! जैसे सुबह का नूर चेहरे पर छा जाए, लेकिन शाम होते ही वो कहीं छिप जाए। ये अदा, ये नज़राना, एक मीठी उलझन है, जो हमें बार-बार याद दिलाती है कि खूबसूरती हमेशा पूरी तरह से सामने नहीं होती।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
