यक बार बर न आए उस से उमीद दिल की — मीर तक़ी मीर
“From that, the heart's hope, never rain will come, How long to declare desires, again and again?”
अर्थ
उससे उम्मीद की कि एक बार बारिश आएगी, दिल कहता है कि अब बार-बार ख्वाहिशें इज़हार करते हुए उम्मीद रखना कब तक सही है।
विस्तार
यह शेर उस दिल की बहुत गहरी थकान को बयान करता है, जो उम्मीद की बारिश का इंतज़ार करता है। शायर पूछ रहे हैं कि क्या कभी उस महबूब की तरफ से उम्मीद की एक बूँद नहीं आएगी? वह बार-बार अपनी ख़्वाहिशें इज़हार करते-करते थक चुका है। यह उन तमाम एहसासों को बयां करता है, जब दिल की पुकार का जवाब सिर्फ़ सन्नाटा मिलता है। एक दर्द भरा सवाल है यह!
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