रोज़ आने पे नहीं निस्बत-ए-इश्क़ी मौक़ूफ़
उम्र भर एक मुलाक़ात चली जाती है
“The connection of love does not cease upon meeting every day; a single encounter lasts an entire lifetime.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हर रोज़ आने पर प्रेम का संबंध समाप्त नहीं होता; एक मुलाक़ात पूरे जीवन भर चली जाती है।
विस्तार
यह शेर बताता है कि सच्चा इश्क़ किसी समय या जगह से बंधा नहीं होता। शायर कहते हैं कि प्रेम की निस्बत (रिश्ता) रोज़ मिलने से खत्म नहीं होती। बल्कि, वह रिश्ता इतना गहरा होता है कि एक मुलाक़ात में ही पूरी उम्र गुज़र जाती है। यह इश्क़ की उस अमरता को बयान करता है, जो समय की सीमाओं से परे है।
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