याँ तो आती नहीं शतरंज-ज़माना की चाल
और वाँ बाज़ी हुई मात चली जाती है
“The chess-game's move doesn't come this way, And the other side's play achieves checkmate.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर कह रहा है कि जिस तरह से शतरंज का खेल चलता है, वैसी चाल यहाँ नहीं आती है, और दूसरी जगह पर खेलने से मात मिल जाती है।
विस्तार
यह शेर उस एहसास को बयां करता है जब इंसान खुद को बड़ी तन्हाई या सुरक्षा में महसूस करता है, लेकिन असलियत कहीं और ही जंग लड़ रही होती है। शायर कहते हैं कि यहाँ तो ज़िंदगी की बड़ी चालें नहीं आ रही हैं.... पर कहीं और तो बाज़ी चल रही है, और वहाँ तो मात (हार) ही निश्चित है। यह शेर हमें याद दिलाता है कि ज़िंदगी का कोई कोना सुरक्षित नहीं होता; हर जगह संघर्ष और नियति का खेल चल रहा होता है।
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