याँ हुए ख़ाक से बराबर हम — मीर तक़ी मीर

याँ हुए ख़ाक से बराबर हम वाँ वही नाज़ ओ ख़ुद-नुमाई है

“We are not equal to dust, for in us resides that unique grace and self-adornment.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

हम धूल से नहीं हैं, क्योंकि हम में वह अनोखा नज़ाकत और आत्म-सम्मान है।

विस्तार

यह शेर गहरे दर्द और निराशा को बयां करता है। शायर कहते हैं कि हमारा हाल तो ख़ाक (मिट्टी) से भी ज़्यादा बुरा हो गया है। लेकिन इसके बावजूद, वो चीज़ या वो शख़्सियत जो हमें इतनी महफ़ूज़ लगती थी... उसका नाज़ और उसका नज़ाकत आज भी वैसा ही है। यह एक कड़वी सच्चाई है—हम टूट चुके हैं, पर महबूब की चमक वैसी ही है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.