ऐसा मौता है ज़िंदा-ए-जावेद — मीर तक़ी मीर
“Such a lifeless body, in eternal life, When the lover's path finally arrives.”
अर्थ
ऐसा मौता है ज़िंदा-ए-जावेद, जब रफ़्ता-ए-यार आई है। इसका अर्थ है कि जैसे शाश्वत जीवन में भी एक मृत शरीर जैसा महसूस होता है, जब प्रियतम का आगमन होता है।
विस्तार
यह शेर एक गहरा विरोधाभास बयान करता है। शायर कहते हैं कि ज़िंदा रहना... और मौत होना... ये दोनों एक ही चीज़ में समाए हुए हैं। यह विरोधाभास तब सामने आता है, जब महबूब के कदम पड़ते हैं। इसका मतलब है कि इश्क़ की गहराई इतनी है कि वह नशा बन जाती है—एक ऐसी स्थिति जहाँ ज़िंदगी और मौत का फ़र्क़ मिट जाता है। यह सिर्फ़ इश्क़ का नशा है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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