सई ओ तलब बहुत की मतलब के तईं न पहुँचे — मीर तक़ी मीर
सई ओ तलब बहुत की मतलब के तईं न पहुँचे
नाचार अब जहाँ से बैठे हैं हाथ उठा कर
“O beloved, the meaning of your desire has not reached me, Now, where I sit, I have lifted my hands in helplessness.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हे प्रिय, तुम्हारी इच्छा का अर्थ मुझ तक नहीं पहुंचा है, अब मैं जहाँ बैठा हूँ, मैंने हाथ उठाकर लाचारी व्यक्त की है।
विस्तार
यह शेर आशिक़ की उस बेबसी को बयां करता है जब वो अपनी मोहब्बत के मतलब को समझ नहीं पाता। शायर कहते हैं कि न महबूब (सई) का मतलब है, न इस चाहत (तलब) का मतलब। वो इतना बेबस है कि अब वो कहीं भी बैठ गया है, बस हाथ उठाकर हार मान चुका है। यह समर्पण का सबसे गहरा इज़हार है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
