हाल-ए-ज़बून अपना पोशीदा कुछ न था तो
सुनता न था कि ये सैद बे-जान हो रहा है
“My tongue's condition was concealed, it was not so, It did not hear that this lifeless body was becoming.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हाल-ए-ज़बून का अपना पोशीदा कुछ नहीं था, इसलिए सुनता नहीं था कि यह सैद बे-जान हो रहा है।
विस्तार
यह शेर चुप रहने की ताकत और छिपे दर्द की बात करता है। शायर कहते हैं कि अगर मेरे दिल का हाल, मेरी ज़बान पर छिपा हुआ सच, किसी को पता चल जाता.... तो वो यह महसूस ही नहीं कर पाते कि मैं कितना कमज़ोर हूँ। यह उस दर्द का इज़हार है जो ज़ुबान पर नहीं आ सकता, बस दिल में सिमट जाता है।
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