हम से ख़ुश-ज़मज़मा कहाँ यूँ तो — मीर तक़ी मीर

हम से ख़ुश-ज़मज़मा कहाँ यूँ तो लब ओ लहजा हज़ार रखते हैं

“How can you be so joyous with us, when We possess a thousand lips and tones?”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

हमसे इतना खुश-ज़मज़मा कहाँ, जब हमारे पास हज़ारों लब और लहजे हैं।

विस्तार

यह शेर सिर्फ़ शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि एक गहरे एहसास को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि आप मेरे अंदाज़, मेरी बातों से इतनी आसानी से खुश मत हो जाना... क्योंकि मैं एक साधारण इंसान नहीं हूँ। मेरे अंदर भावनाओं, मेरे लहज़ों, और मेरे वजूद में हज़ार रंग हैं। मुझे समझना आसान नहीं है, यह एक तरह की दूरी बनाए रखने की कला है!

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.