“O travelers, the very first night is steeped in darkest gloom; / One does not light ahead of time the candle of the tomb.”
ऐ मुसाफ़िरो, पहली रात बहुत गहरी और अंधेरी होती है; क़ब्र का चिराग़ पहले से ही जलाकर नहीं रखा जाता।
शायर यहाँ ज़िंदगी के मुसाफ़िरों से एक हमदर्द दोस्त की तरह मुख़ातब हैं कि मौत के बाद की पहली रात बेहद अंधेरी और संजीदा होती है। उनका इशारा इस बात की तरफ़ है कि उस आख़िरी अंधेरे के लिए जो सब्र और नूर चाहिए, उसे वक़्त से पहले ही ख़र्च नहीं करना चाहिए। यह शेर ज़िंदगी और मौत के तवाज़ुन को बयां करता है कि अंजाम के ख़ौफ़ में आज ही अपने दिल और रूह को थका देना समझदारी नहीं है।
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