ज़िंदगी में तो न इक दम ख़ुश किया हँस बोल कर आज क्यूँ रोते हैं मेरे आश्ना मेरे लिए

“In life, they never brought me joy with a kind word or a smile; why do my companions weep today, shedding their tears for me?”

— मीर अनीस
अर्थ

ज़िंदगी में तो मेरे दोस्तों ने कभी हँस-बोलकर मुझे एक पल के लिए भी ख़ुश नहीं किया, तो फिर आज वे मेरे लिए क्यों रो रहे हैं?

विस्तार

यह शेर इंसानी रिश्तों की एक बेहद कड़वी और दर्दनाक सच्चाई को सामने लाता है। शायर हैरान और थोड़ा उदास होकर पूछता है कि जो दोस्त और अज़ीज़ ज़िंदगी भर दो मीठे बोल बोलने या मुस्कुरा कर मिलने से कतराते रहे, वो आज जनाज़े पर आकर इतने आँसू क्यों बहा रहे हैं? इसमें दिखावे के मातम पर एक गहरा तंज है, जो हमें याद दिलाता है कि किसी को प्यार और क़द्र उसके जीते जी देनी चाहिए, न कि उसके चले जाने के बाद।

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