उन से मिलने को तो क्या कहिए 'जिगर' — जिगर मुरादाबादी

उन से मिलने को तो क्या कहिए 'जिगर' ख़ुद से मिलने को ज़माना चाहिए

“What to speak of meeting the beloved, O Jigar; it takes an entire age just to meet oneself.”

— जिगर मुरादाबादी

अर्थ

ऐ 'जिगर', महबूब से मिलने की तो बात ही क्या, यहाँ तो खुद अपने आप से मिलने और रूबरू होने में ही एक ज़माना लग जाता है।

विस्तार

जिगर मुरादाबादी यहाँ महबूब से मिलने की आम हसरत को एक गहरे आत्म-मंथन से जोड़ देते हैं। वे कहते हैं कि किसी और से जुड़ना तो दूर की बात है, इंसान को अपने ही असल वजूद को समझने और खुद से रूबरू होने में ही पूरी उम्र लग जाती है। जब तक हम अपने भीतर के बिखराव को समेटकर खुद को नहीं पहचान लेते, तब तक किसी और से सच्चा मिलन मुमकिन ही नहीं है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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