ये तिरा जमाल-ए-कामिल ये शबाब का ज़माना — जिगर मुरादाबादी

ये तिरा जमाल-ए-कामिल ये शबाब का ज़माना दिल-ए-दुश्मनाँ सलामत दिल-ए-दोस्ताँ निशाना

“This consummate beauty of yours, this blossoming season of youth: the hearts of foes remain spared, while the hearts of lovers become the target.”

— जिगर मुरादाबादी

अर्थ

तुम्हारा यह पूर्ण सौंदर्य और जवानी का यह दौर ऐसा है कि दुश्मनों के दिल तो सुरक्षित रहते हैं, लेकिन चाहने वालों के दिल निशाने पर आ जाते हैं।

विस्तार

शायर यहाँ महबूब के बेमिसाल हुस्न और उसकी भरी जवानी के पुरशबाब दौर का दिलकश नज़ारा पेश कर रहा है। इसमें एक मीठी शिकायत छुपी है कि इस क़यामत ढाते जमाल का वार बेपरवाह लोगों या दुश्मनों पर नहीं होता, बल्कि जो सच्चे चाहने वाले हैं, उन्हीं के दिल सीधे निशाने पर आते हैं। यह शेर इश्क़ की उस ख़ूबसूरत विडंबना को दर्शाता है जहाँ दिल लगाना ही घायल होने का सबसे बड़ा सबब बन जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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