सर-दादगान-ए-इश्क़-ओ-मोहब्बत की क्या कमी क़ातिल की तेग़ तेज़ ख़ुदा की ज़मीं रहे

“Of those who offer up their heads to love, there is no dearth; May the slayer's blade stay sharp, and vast remain God's earth.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

इश्क़ और मुहब्बत में अपना सर न्योछावर करने वालों की कोई कमी नहीं है; बस क़ातिल की तलवार तेज़ रहे और ईश्वर की यह ज़मीन फैली रहे।

विस्तार

इस शेर में इश्क़ में खुद को कुर्बान कर देने का एक अनोखा और बेबाक अंदाज़ झलकता है। शायर कहता है कि मोहब्बत की राह में अपनी जान न्योछावर करने वाले दीवानों का कभी कोई टोटा नहीं रहा। माशूक़ के जुल्म का रोना रोने के बजाय आशिक़ उल्टे क़ातिल की तलवार तेज़ रहने और ज़मीन आबाद रहने की दुआ करता है, ताकि इश्क़ की यह शहादत हमेशा यूं ही जारी रहे।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.