“This love is by no means easy, understand this much alone: it is a river of fire, and one must drown to cross.”
यह प्रेम का मार्ग आसान नहीं है, बस इतना समझ लीजिए कि यह आग का एक दरिया है और इसे डूबकर ही पार करना है।
जिगर मुरादाबादी ने इस मशहूर शेर में प्यार की राह को एक हैरतअंगेज़ विरोधाभास—'आग के दरिया'—के ज़रिए बयां किया है। आम तौर पर दरिया पानी का होता है जो प्यास बुझाता है, लेकिन मोहब्बत का यह दरिया आग का है, जहाँ पार होने के लिए तैरना नहीं बल्कि खुद को फना कर देना पड़ता है। शायर बड़े अपनेपन से समझाते हैं कि सच्चे इश्क में अपनी अना और वजूद को पूरी तरह मिटाए बिना कोई मंज़िल हासिल नहीं होती।
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