“An intoxication reigned each moment, every breath held sweet delight; was it a wine flask by my side, or a restless heart's plight?”
हर समय एक नशा और हर पल एक सुरूर छाया रहता था; समझ नहीं आता था कि बगल में शराब की बोतल थी या यह मेरा बेचैन दिल था।
इस शेर में शायर इश्क़ और बेक़रारी के उस मीठे नशे की बात कर रहे हैं, जो हर लम्हा इंसान पर छाया रहता है। वह मुस्कुराते हुए पूछते हैं कि यह लगातार सुरूर आख़िर किस वजह से था—क्या पास में शराब की बोतल रखी थी, या फिर यह उनके अपने बेचैन और तड़पते दिल का असर था? यहाँ दिल की बेताबी को शराब से भी बड़ा नशा माना गया है, जो इंसान को होश और बेखुदी के बीच थामे रखता है।
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