बिछाई है जो कहीं इश्क़ ने बिसात अपनी — अल्लामा इक़बाल
“Wherever love has spread its mat, It has made the fakirs heirs to paradise.”
अर्थ
जहाँ कहीं इश्क़ ने अपनी बिसात बिछाई है, उसने वहाँ के फ़क़ीरों को परवेज़ का वारिस बना दिया है।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की अद्भुत और रहस्यमयी ताकत को बयां करता है। अल्लामा इकबाल कहते हैं कि जहाँ भी इश्क़ अपनी बिसात बिछाता है, वह सिर्फ़ महफ़िल नहीं सजाता.... बल्कि फ़क़ीरों को एक ख़ास विरासत सौंपता है। यह 'परवेज़' कोई दौलत नहीं है, बल्कि एक आध्यात्मिक चमक है। शायर कहते हैं कि सच्चे और निस्वार्थ प्रेम के फल हमेशा उन लोगों को मिलते हैं जो खुद को दुनिया से दूर रखते हैं।
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