“What understanding makes you sit on the scent of the rose, O Kalim? If the power of sight is given, someone will demand its use.”
समझ के क्या किया कि तुम कलिमा पर बैठ गए, ऐ तूर? अगर दृष्टि की शक्ति दे दी जाए, तो कोई इसका उपयोग करने की मांग करेगा।
यह शेर हमें समझाता है कि किसी भी काम में ज़बरदस्ती या गलत समझ के आधार पर प्रयास करना व्यर्थ है। शायर कहते हैं कि अगर आप सचमुच में 'दीद' यानी गहरी नज़र और समझदारी से लैस हैं, तो उस समझदारी का इज़हार करने के लिए कोई न कोई आपको ज़रूर बुलाएगा। असली प्रतिभा को कहीं छिपना नहीं पड़ता; वो खुद-ब-खुद नज़र आ जाती है। यह एक बहुत ही गहरा सबक है!
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