है मिरी ज़िल्लत ही कुछ मेरी शराफ़त की दलील — अल्लामा इक़बाल

है मिरी ज़िल्लत ही कुछ मेरी शराफ़त की दलील जिस की ग़फ़लत को मलक रोते हैं वो ग़ाफ़िल हूँ मैं

“My very humiliation is the proof of my dignity; I am the unaware one whom the kings weep for.”

— अल्लामा इक़बाल

अर्थ

मेरी ज़िल्लत ही कुछ मेरी शराफ़त की दलील है, और मैं वह ग़ाफ़िल हूँ जिसकी ग़फ़लत पर मलक रोते हैं।

विस्तार

यह शेर आत्म-सम्मान और विनम्रता की गहराई को बयां करता है। शायर कहते हैं कि हमारी 'ज़िल्लत' (विनम्रता) ही हमारी 'शराफ़त' (इज्ज़त) की सबसे बड़ी गवाही है। वो खुद को इतना लापरवाह या बेपरवाह (ग़ाफ़िल) बताते हैं कि राजा भी उनके इस बेपरवाही पर रोते हैं। यह एक ऐसा अहसास है जो दुनियावी रुतबे से ऊपर है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.