तुर्की भी शीरीं ताज़ी भी शीरीं हर्फ़-ए-मोहब्बत तुर्की ताज़ी

Both the Turkish and the fresh are sweet, But the letter of love, neither Turkish nor fresh, is sweet.

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

तुर्की और ताज़ी दोनों ही मीठे हैं, पर मोहब्बत का हरफ़ न तुर्की है न ताज़ी।

विस्तार

यह शेर आलामा इकबाल साहब ने मोहब्बत के नशा और उसकी गहराई पर लिखा है। शायर यहाँ तुर्की की सुंदरता और ताज़ी खुशबू की तुलना 'मोहब्बत के लफ़्ज़' से करते हैं। उनका कहना है कि दुनिया की हर चीज़, चाहे वो कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो, समय के साथ फीकी पड़ जाती है.... लेकिन मोहब्बत का सच्चा लफ़्ज़, वो हमेशा मीठा और ज़िंदा रहता है! यह इश्क़ की अमरता का एहसास दिलाता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.