गरचे है मेरी जुस्तुजू दैर ओ हरम की नक़्शा-बंद — अल्लामा इक़बाल
“My journey, O Haram, is sealed, a blueprint of the Kaaba and the Somnath, from my yearning song.”
अर्थ
गरचे मेरी तलाश (जुस्तुजू) दैर और हरम का नक़्शा-बंद है, मेरी फ़ुग़ाँ से रुस्तख़ेज़ काबा और सोमनाथ में।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ जगह की बात नहीं करता, यह दिल की गहराई की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि भले ही हमारी तलाश... हमारी जुस्तुजू... किसी ख़ास, नक़्शा-बंद जगह तक सीमित हो... लेकिन हमारा रूहानी सफ़र... हमारा फ़ुग़ाँ... वह तो काबा और जन्नत की चौहद्दी से कहीं आगे है। यह शेर सिखाता है कि इबादत और इश्क़ की कोई सीमा नहीं होती।
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