सीना रौशन हो तो है सोज़-ए-सुख़न ऐन-ए-हयात — अल्लामा इक़बाल
“If the chest is bright, it is the burning passion of speech, O mirror of life; if it is not bright, then the speech is the path to eternal remedy, O cupbearer.”
अर्थ
यदि सीना रोशन हो, तो यह जीवन का दर्पण है और वाणी का ज्वलनशील प्रेम है; और यदि यह रोशन न हो, तो वाणी ही साक़ी, स्थायी उपचार का मार्ग है।
विस्तार
यह शेर कला और सच्चाई की शर्त पर बात करता है। शायर यहाँ 'साक़ी' (जो ज्ञान या नशा पिलाता है) को संबोधित करते हुए कहते हैं कि कविता का जुनून ज़िन्दगी तभी बन सकता है, जब दिल (सत्य का स्रोत) रोशन हो। वरना, यह बस मौत का रास्ता है। यह एक गहरा संदेश है कि किसी भी कला को जीवित रहने के लिए सच्चाई का सामने आना कितना ज़रूरी है।
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