हुई न आम जहाँ में कभी हुकूमत-ए-इश्क़
सबब ये है कि मोहब्बत ज़माना-साज़ नहीं
“In the world, love has never ruled completely, Because the world is not capable of being ruled by love.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
इस जहाँ में कभी मोहब्बत की हुकूमत नहीं हुई, क्योंकि मोहब्बत ज़माना-साज़ नहीं है।
विस्तार
यह शेर प्रेम की उस अलौकिक शक्ति को समझाता है, जिसे दुनिया के नियम नहीं बांध सकते। शायर कहते हैं कि इश्क़ की कोई हुकूमत नहीं हो सकती, क्योंकि मोहब्बत किसी इमारत की तरह बनाई हुई चीज़ नहीं है। यह एक ज़बरदस्त, प्राकृतिक एहसास है! यह दिल की ऐसी बात है, जिसे न कोई क़ानून समझ सकता है, न कोई नियम। यह अपनी मर्ज़ी से बहता है।
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