अज़ाब-ए-दानिश-ए-हाज़िर से बा-ख़बर हूँ मैं
कि मैं इस आग में डाला गया हूँ मिस्ल-ए-ख़लील
“I am aware of the torment of present knowledge, That I have been thrown into the fire like Khalil.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
मैं वर्तमान ज्ञान के कष्ट से परिचित हूँ, कि मुझे खलील की तरह इस आग में डाला गया है।
विस्तार
यह शेर ज्ञान की अग्नि से गुज़रने की बात करता है। शायर कहते हैं कि ज्ञान कोई आसान चीज़ नहीं है; यह एक तपस्या है। जब इंसान सच को बहुत गहराई से समझता है, तो उस समझ का बोझ उसे आग जैसा कष्ट देता है। यह बताता है कि सच्चाई का रास्ता हमेशा आरामदायक नहीं होता!
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