बिजली हूँ नज़र कोह ओ बयाबाँ पे है मेरी
मेरे लिए शायाँ ख़स-ओ-ख़ाशाक नहीं है
“I am lightning, my gaze is upon the desert, For me, a beloved of musk and flowers is not meant.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
मैं बिजली हूँ, मेरी नज़र उस बंजर रेगिस्तान पर है। मेरे लिए कस्तूरी और फूलों के प्रेमी उपयुक्त नहीं हैं।
विस्तार
यह शेर एक बहुत बड़ी शख़्सियत का बयान है। शायर कहते हैं कि मेरी नज़र बिजली जैसी है, जो पहाड़ों और बंजर ज़मीनों को चीरती हुई गुज़रती है। यानी, मेरी शख़्सियत बहुत बड़ी है.... मैं किसी छोटे, साधारण ठिकाने में नहीं रह सकती। यह एक तरह का स्वाभिमान है!
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