शब को चराग़ की नहीं रहरो को एहतियाज — ख़्वाजा हैदर अली आतिश
“The night-faring travelers need no lamp to light their way, For every mote upon your path is blazing like the sun.”
अर्थ
रात में राहगीरों को चराग़ की ज़रूरत नहीं, क्योंकि तेरे रास्ते का हर ज़र्रा सूरज की तरह रौशन है।
विस्तार
तेरी राह पर चलने वाले किसी भी राही को रात में दीये की ज़रूरत नहीं पड़ती। यहाँ तो हर नन्हा-सा ज़र्रा भी सूरज की तरह चमकता है। शायर कह रहा है कि तेरा रास्ता इतने नूर और बरकत से भरा है कि उस पर अँधेरा टिक ही नहीं सकता। जहाँ आम मुसाफ़िर अँधेरे से डरकर चराग़ थामते हैं, वहीं तेरी ओर बढ़ने वाले पाते हैं कि उनके पैरों तले की ज़मीन भी रौशन है। यह एक प्यारी तस्वीर है कि कैसे एक सच्चा रास्ता, या किसी महबूब की मौजूदगी, छोटी-से-छोटी चीज़ को भी जगमगा देती है। इसमें एक तसल्ली है: इस राह पर चलो, तो हर कदम पर रौशनी तुम्हारा साथ देगी।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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