बुतान-ए-शोख़ का दिल सख़्त होगा किस क़दर या-रब
मिरी फ़रियाद को कोहसार-साज़-ए-'इज्ज़ माली है
“O Lord, how hard must be the hearts of those mischievous idols? My lament, in its helplessness, has sculpted a mountain of humility.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे ईश्वर, उन चंचल सुंदरियों का दिल कितना कठोर होगा! मेरी फरियाद ने अपनी बेबसी से विनम्रता का पहाड़ बना दिया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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