क़ुमरी कफ़-ए-ख़ाकीस्तर ओ बुलबुल क़फ़स-ए-रंग
ऐ नाला निशान-ए-जिगर-ए-सोख़्ता क्या है
“The dove, a mere handful of ash; the nightingale, a colored cell,O lament, what sign does a heart consumed by fire tell?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
कबूतर राख की एक मुट्ठी है और बुलबुल रंगों का एक पिंजरा है। ऐ आह, जले हुए जिगर का क्या निशान है?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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