गुज़रा 'असद' मसर्रत-ए-पैग़ाम-ए-यार से — मिर्ज़ा ग़ालिब

गुज़रा 'असद' मसर्रत-ए-पैग़ाम-ए-यार से क़ासिद पे मुझ को रश्क-ए-सवाल-ओ-जवाब है

“Asad was lost in the joy the beloved's message brought,But the messenger, for questions and replies, my envy caught.”

— मिर्ज़ा ग़ालिब

अर्थ

'असद' महबूब के पैग़ाम की ख़ुशी में खो गया था। लेकिन मुझे उस क़ासिद (संदेशवाहक) पर सवाल-जवाब करने के अवसर के लिए ईर्ष्या हो रही है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.