वदीअत-ख़ाना-ए-बेदाद-ए-काविश-हा-ए-मिज़गाँ हूँ
नगीन-ए-नाम-ए-शाहिद है मिरे हर क़तरा-ए-ख़ूँ तन में
“I am the trust-house of the cruel probings of lashes,The beloved's name is a signet on every drop of blood in my body.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं पलकों की क्रूर खोजों का अमानत घर हूँ। मेरे शरीर में खून की हर बूँद पर प्रेयसी का नाम एक नगीने की तरह अंकित है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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