Sukhan AI
भरम खुल जाए ज़ालिम तेरे क़ामत की दराज़ी का अगर इस तुर्रा-ए-पुर-पेच-ओ-ख़म का पेच-ओ-ख़म निकले

O cruel one, your lofty stature's secret would unfurl,If but the coiled twists of that tangled lock were to uncurl.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

हे ज़ालिम, तुम्हारे क़ामत की ऊँचाई का भरम खुल जाएगा, अगर तुम्हारे घुँघराले बालों की इस लट का पेच-ओ-ख़म निकल जाए।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.