मगर लिखवाए कोई उस को ख़त तो हम से लिखवाए
हुई सुब्ह और घर से कान पर रख कर क़लम निकले
“But if someone wishes to write him a letter, let them have us write it, Dawn broke, and from home, with a pen tucked behind my ear, I set forth.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर कोई उसे ख़त लिखवाना चाहे तो वह हमसे लिखवाए। सुबह हो गई और मैं कान पर कलम रखकर घर से निकला।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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