ये रश्क है कि वो होता है हम-सुख़न तुम से
वगर्ना ख़ौफ़-ए-बद-आमोज़ी-ए-अदू क्या है
“Is it jealousy that you speak of us, or is it the fear of being taught by the enemy?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
यह ईर्ष्या है कि आप हमसे बात करते हैं, या यह दुश्मन से सीखे जाने के डर के बारे में है।
विस्तार
यह शेर ईर्ष्या (जलन) के गहरे दर्द को बयां करता है। मिर्ज़ा ग़ालिब कहते हैं कि असली जलन यह है कि वो (प्रियतम) आप से हमारी ही ज़बान में बात करता है। अगर ऐसा न होता, तो दुश्मन के बुरे असर का क्या ख़ौफ़ होता? यह एहसास दिलाता है कि शायर अपने दिल की हर बात, हर लहजे में कितना ज़्यादा जुड़ा हुआ महसूस करता है।
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