वो ज़माना नज़र नहीं आता — दाग़ देहलवी
वो ज़माना नज़र नहीं आता
कुछ ठिकाना नज़र नहीं आता
“That bygone era is nowhere in sight; no refuge, no trace remains in sight.”
— दाग़ देहलवी
अर्थ
वह पुराना ज़माना अब कहीं दिखाई नहीं देता और न ही किसी ठिकाने या सहारे का कोई अता-पता नज़र आता है।
विस्तार
यह शेर गुज़रे हुए वक़्त की कसक और ज़िंदगी के भटकाव को बेहद सादगी से बयां करता है। शायर उस पुराने, खूबसूरत दौर को तलाश रहा है जो अब खो चुका है, और उसके साथ ही सुकून व सहारे का हर ठिकाना भी मिट गया है। यह उस तन्हा इंसान का दर्द है, जो वक़्त के बदलने पर खुद को पूरी तरह बेगाना और बेआसरा महसूस करने लगता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
1 / 11Next →
