मिट गए दिल से नक़्श-ए-बातिल सब — दाग़ देहलवी
“All false impressions from the heart have faded away; firmly in their place, you have etched your own image.”
अर्थ
दिल से सभी झूठे और निरर्थक निशान मिट गए हैं, और तूने उसकी जगह अपनी ही तस्वीर पूरी तरह स्थापित कर दी है।
विस्तार
शायर दिल को एक ऐसी तख्ती की तरह देखता है जिस पर दुनियावी वहम और झूठे ख्याल उकेरे हुए थे। जब महबूब की सच्ची मोहब्बत दिल में उतरी, तो सारे नक़्श-ए-बातिल यानी झूठे भरम खुद-ब-खुद मिट गए और सिर्फ उसी का वजूद हमेशा के लिए बस गया। यह शेर उस मुकम्मल इश्क़ या रूहानी अहसास का इज़हार है जो इंसान के दिल से सारे भटकाव धोकर सिर्फ अपनी हक़ीक़त को अमर कर देता है।
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