मैं 'दाग़' हूँ मरता हूँ इधर देखिए मुझ को — दाग़ देहलवी

मैं 'दाग़' हूँ मरता हूँ इधर देखिए मुझ को मुँह फेर के ये आप किधर देख रहे हैं

“I am Dagh, dying for you—look this way at me; turning your face away, where else are you gazing?”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

मैं 'दाग़' हूँ और आप पर मिट रहा हूँ, ज़रा इधर मेरी तरफ देखिए; आप मुझसे मुँह मोड़कर आख़िर किधर देख रहे हैं?

विस्तार

दाग़ देहलवी का यह शेर बड़ी सादगी और शोख़ी से महबूब की बेरुख़ी को बयां करता है। शायर तड़पकर कह रहा है कि जिस आशिक़ की जान तुम पर निसार हो रही है, वह तो तुम्हारे ठीक सामने खड़ा है, फिर मुँह फेरकर कहीं और क्या देख रहे हो? इसमें एक मीठा सा शिकवा है, जहाँ माशूक़ का जानबूझकर अनदेखा करना और आशिक़ की तवज्जो पाने की प्यारी सी ज़िद मिलकर इश्क़ की खूबसूरत कशमकश को ज़िंदा कर देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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