अब तक तो जो क़िस्मत ने दिखाया वही देखा — दाग़ देहलवी
“Till now, I beheld only what destiny chose to display; what profit or loss lies ahead, we wait and watch today.”
अर्थ
अब तक तो हमने वही देखा जो तक़दीर ने दिखाया, अब आगे क्या नफ़ा या नुक़सान होगा, हम यही देख रहे हैं।
विस्तार
यह शेर ज़िंदगी के उस मोड़ की बात करता है जहाँ इंसान ठहरकर अपने सफ़र को देखता है। शायर कहता है कि अब तक तो तक़दीर ने जो भी हालात सामने रखे, हमने एक मूक दर्शक की तरह उन्हें कुबूल कर लिया। मगर अब आने वाले कल को लेकर दिल में एक बेचैनी और इंतज़ार है कि ज़िंदगी की इस राह में आगे हमें नफ़ा मिलने वाला है या कोई नया नुक़सान।
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