सब लोग जिधर वो हैं उधर देख रहे हैं — दाग़ देहलवी
“All eyes are turned toward where the beloved stands, while I am watching the gaze of those who look.”
अर्थ
सब लोग उसी दिशा में देख रहे हैं जहाँ वह मौजूद हैं, जबकि मैं उन देखने वालों की नज़रों को देख रहा हूँ।
विस्तार
इस शे'र में एक महफ़िल का बड़ा दिलकश मंज़र है, जहाँ महबूब के आते ही हर किसी की नज़र बस उसी के चेहरे पर ठहर जाती है। मगर आशिक़ का अंदाज़ सबसे अलग है—वो महबूब को सीधे देखने के बजाय, उन देखने वालों की आँखों में छाई हैरानी और दीवानगी को तक रहा है। उसे अपने महबूब के हुस्न और जादू का सच्चा अंदाज़ा दुनिया की मुरीद होती नज़रों से ही हो जाता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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