अब के मिल कर देखिए क्या रंग हो — दाग़ देहलवी

अब के मिल कर देखिए क्या रंग हो फिर हमारी जुस्तुजू होने लगी

“Let us see what colors unfold when we meet this time; once again, a search for me has begun.”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

देखना है कि इस बार मिलने पर क्या नतीजा निकलता है, क्योंकि एक बार फिर मेरी तलाश शुरू हो गई है।

विस्तार

इस शेर में पुराने फासलों के बाद फिर से किसी के दिल में अपनी याद जागने की हल्की सी आहट है। शायर हैरान भी है और मुंतज़िर भी कि जब इस बार दोबारा मिलना होगा, तो इस मुलाकात का 'रंग' क्या होगा—खुशी, पुरानी टीस या कोई नई दास्तान? 'जुस्तुजू' का फिर से शुरू होना बताता है कि दिल का वो पुराना ताल्लुक कभी पूरी तरह टूटा ही नहीं था।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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