वो भी सुन लेंगे ये कभी न कभी — दाग़ देहलवी
“They too shall hear of it, one day, somewhere; confide your heart’s plight to all, everywhere.”
अर्थ
अपने दिल का हाल हर जगह सब लोगों से कहते रहिए, कभी न कभी वो भी इसे सुन ही लेंगे।
विस्तार
इस शेर में एक बड़ी मासूम सी उम्मीद और दिल का दर्द एक साथ नज़र आता है। जब महबूब से सीधे तौर पर अपना हाल कहना मुमकिन न हो, तो शायर मशवरा देता है कि अपने ग़म को छुपाने के बजाय दुनिया भर में बयान करते फिरो। जब आपका दर्द शहर की हवाओं में एक अफ़साना बनकर गूंजेगा, तो वो बातें उड़ते-उड़ते कभी न कभी उस ख़ास इंसान के कानों तक भी ज़रूर पहुँच जाएंगी।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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