दोस्ती में तिरी दर-पर्दा हमारे दुश्मन इस क़दर अपने पराए हैं कि जी जानता है

“Behind the veil of your friendship lurk our foes; so deeply have our own turned stranger that only my heart knows.”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

आपकी दोस्ती के पर्दे के पीछे हमारे दुश्मन छिपे हैं, और हमारे अपने इस हद तक अजनबी और पराए हो गए हैं कि यह बात केवल मेरा दिल ही जानता है।

विस्तार

यह शेर दोस्ती के नक़ाब में छुपी दुश्मनी और अपनों की बेरुख़ी के गहरे दर्द को बयां करता है। शायर कहता है कि जो कभी अपने हुआ करते थे, वो दोस्ती के पर्दे के पीछे अब इस क़दर अजनबी और मुख़ालिफ़ हो चुके हैं कि पहचानना मुश्किल है। यह ज़ख़्म इतना ख़ामोश और गहरा है कि लफ़्ज़ों में बयां नहीं हो सकता, बस दिल ही जानता है कि इस पराएपन को उसने कैसे झेला है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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