“I swear by these very feet of yours, by these very feet I swear: so many have been reduced to dust, only my heart is aware.”
तुम्हारे इन्हीं क़दमों की क़सम, इन्होंने इतने लोगों को ख़ाक में मिलाया है कि यह बात सिर्फ़ मेरा दिल ही जानता है।
इस शेर में आशिक़ अपने महबूब के नाज़ुक क़दमों की क़सम खाकर हुस्न की सितमगरी का ज़िक्र कर रहा है। जिन क़दमों को वह पूजता है और जिनकी क़सम खाता है, उन्हीं क़दमों ने न जाने कितने दिलों को बेदर्दी से रौंदकर ख़ाक में मिला दिया है। 'जी जानता है' कहकर शायर अपने उस ज़ाती दर्द और बेबसी की तरफ़ इशारा करता है, जो इस तबाही को देखकर भी उसी महबूब पर जान छिड़कता है।
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