“Outwardly I act as a guide, yet suspicion fills my heart; whoever walks towards your lane, I too step out ahead.”
दिखावे के तौर पर हम मार्गदर्शक बने हैं लेकिन दिल में शक भरा है; जो कोई भी तुम्हारी गली की तरफ जाता है, हम भी उसके आगे-आगे हो लेते हैं।
इस शे'र में आशिक़ के दिल की जलन और मासूम चालाकी का बड़ा ही दिलचस्प नज़ारा पेश किया गया है। महबूब की गली की तरफ जाने वाले किसी भी शख्स का रास्ता दिखाकर वह खुद को मददगार साबित करता है, लेकिन दिल में शक और रक़ाबत भरी होती है। वह आगे-आगे इसलिए चलता है ताकि नए चाहने वाले पर नज़र भी रख सके और इसी बहाने महबूब की गली का दीदार भी कर ले।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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