ज़माना दोस्ती पर इन हसीनों की न इतराए ये आलम-दोस्त अक्सर दुश्मन-ए-आलम भी होते हैं

“Let not the world boast of the friendship of these fair ones; for these lovers of the world often prove to be the world's own foes.”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

दुनिया को इन खूबसूरत लोगों की दोस्ती पर इतराना नहीं चाहिए, क्योंकि जो सारी दुनिया के दोस्त दिखते हैं, वे अक्सर दुनिया के दुश्मन भी बन जाते हैं।

विस्तार

शायर यहाँ दुनिया को एक बड़ी ही मीठी और गहरी चेतावनी दे रहे हैं कि वह इन दिलकश हुस्न वालों की दोस्ती या तवज्जो पर ज़्यादा नाज़ न करे। जो चेहरे बाहर से पूरी दुनिया के दोस्त और हमदर्द नज़र आते हैं, उनकी मोहब्बत में अक्सर ऐसी तबाही छुपी होती है कि वे पूरी दुनिया के लिए आफ़त बन जाते हैं। यह शेर हमें हुस्न के उस दोहरे पहलू की याद दिलाता है जहाँ दिल जीत लेने वाली अदा ही कभी-कभी बर्बादी का सबब बन जाती है।

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