“True enough, what concern have you with the world's strife? / Yet at least acknowledge the one who is losing his life.”
यह तो सही है कि आपको दुनिया से कोई सरोकार नहीं है, लेकिन कम से कम उस व्यक्ति को तो पहचान लीजिए जिसकी जान जा रही है।
इस शेर में आशिक़ अपनी महबूबा की बेरुखी और बेपरवाही पर एक बेहद कोमल और दिलकश शिकवा कर रहा है। वह कहता है कि ठीक है, आपका दुनिया के झमेलों से कोई सरोकार नहीं होना लाज़मी है, पर कम से कम उस शख्स को तो पहचानिए जो आपके इश्क़ में अपनी जान गंवा रहा है। यहाँ 'जान' लफ़्ज़ का बड़ा प्यारा खेल है—एक तरफ़ दम निकलने की बेबसी है और दूसरी तरफ़ महबूब से नज़र-ए-इनायत पाने की दिली ख़्वाहिश।
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