“I shall not let you leave without a verdict passed; examine now this lawsuit of the heart, and settle it at last.”
मैं आपको बिना कोई फैसला किए जाने नहीं दूँगा, दिल के इस मुक़दमे की अभी पड़ताल करके इसे तय कर दीजिए।
इस शेर में शायर ने इश्क़ के नाज़ुक एहसास को बड़ी नज़ाकत से अदालत के मुक़द्दमे की तरह पेश किया है, जहाँ महबूब ही जज की कुर्सी पर बैठा है। आशिक़ अपने महबूब की राह रोककर यह ज़िद करता है कि अब अधर में लटके रहने से काम नहीं चलेगा, दिल की इस उलझन का फ़ैसला आज यहीं होना चाहिए। यह महज़ कोई क़ानूनी तकरार नहीं, बल्कि दिल के दर्द को सुलझाने और महबूब को अपने पास रोके रखने का एक बेहद प्यारा बहाना है।
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