कहते हैं हम नहीं ख़ुदा-ए-करीम क्यूँ हमारी ख़ता करे कोई

“We do not claim to be the Lord All-Merciful; why then should anyone commit a fault against us?”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

हम यह दावा नहीं करते कि हम दयालु और क्षमाशील ईश्वर हैं, फिर कोई हमारे प्रति कोई भूल या गुनाह क्यों करे?

विस्तार

इस शेर में शायर बड़े सलीके और हल्के-फुल्के तंज़ के साथ इंसानी जज़्बात की हदों को बयां कर रहा है। वह कहता है कि हम कोई 'ख़ुदा-ए-करीम' नहीं हैं, जिसकी सिफ़त हर खता को दरगुज़र कर देना है, इसलिए हमारे साथ कोई ज्यादती करने की भूल न करे। यह एक नाज़ुक सी चेतावनी है कि हम भी मिट्टी के इंसान हैं, हमारे सब्र का इम्तिहान मत लो क्योंकि हमारी माफ़ी की भी एक सीमा होती है।

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